सुपीम कोर्ट चुनाव आयोग की सुनवाई के लिए राज़ी

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गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपियों को चुनाव लडऩे से रोका जाए, इसके लिए दायर पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. वीरवार को कोर्ट ने 5 जजों की स्पेशल बेंच बनाई है. संभव है कि 5 राज्यों में इलेक्शन को देखते हुए कोर्ट कोई अहम फैसला दे.

सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुत्व के मुद्दे पर दायर कई पिटीशन्स पर सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा था कि धर्म, जाति और संप्रदाय के नाम पर नेता वोट नहीं मांग सकते. चुनाव एक सेक्युलर प्रॉसेस है और इसका पालन किया जाना चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा था कि इंसान और भगवान के बीच रिश्ता अपनी निजी पसंद का मामला है. सरकार को इससे खुद को अलग रखना चाहिए.

अगले 2 महीने में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में चुनाव हैं. यहां सीधे तौर पर इसका असर पड़ेगा. किसी भी चुनाव में अब कोई भी नेता, उम्मीदवार या एजेंट धर्म, जाति या संप्रदाय को लेकर लोगों से वोट नहीं मांग पाएगा.

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